प्रधानाचार्य आशा करते हैं कि छात्रगण इन ध्यातव्य बातों पर गौर करेंगे, उचित एवं नियमानुसार अपेक्षित कदम उठाया करेंगे। प्रधानाचार्य की परिसीमाओं एवं विवशताओं को समझेंगे और आपसी भ्रान्तियों एवं पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर पारस्परिक सहयोग द्वारा अपनी समस्याओं का समाधान करेंगे।
— प्रधानाचार्य, LNMS महाविद्यालय